पश्चिम बंगाल में जनसभा करना पड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को महंगा, जानिए...

पश्चिम बंगाल में जनसभा करना पड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को महंगा, जानिए पूरी खबर के बारे में।

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बंगाल के पुरुलिया जिले में प्रशासनिक इजाजत लिए बिना भाजपा की जनसभा करने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कानूनी कार्रवाई होगी।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में प्रशासनिक इजाजत लिए बिना भाजपा की जनसभा को मंगलवार को संबोधित करने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस अधीक्षक आकाश माघारिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पांच फरवरी को जिले के भांगड़ा ग्राम के पास नवकुंज मैदान में भाजपा को जनसभा की अनुमति पुरुलिया जिला पुलिस व प्रशासन की ओर से नहीं दी गई थी। बावजूद भाजपा ने यहां जनसभा की।

इस बात को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जनसभा के आयोजकों, आयोजन से जुड़े लोगों, जनसभा में भाग लेनेवालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनसभा में शामिल होने वाले भाजपा नेता तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उधर, भारतीय जनता पार्टी के पुरुलिया जिला अध्यक्ष विद्यासागर चक्रवर्ती ने कहा कि जनसभा के लिए पुलिस व प्रशासन को आवेदन दिया गया था। पुलिस ने जानबूझ कर अनुमति नहीं दी।

अब पुलिस कानूनी कार्रवाई की धमकी दे रही है। पुलिस को जो करना है वह करे। पुलिस की धमकी से पार्टी डरने वाली नहीं है।

हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आखिरकार मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में रैली कर ही ली। पश्चिम बंगाल में हेलीकॉप्टर उतरने की इजाजत नहीं मिलने और सुरक्षा भी नहीं देने का पश्चिम बंगाल सरकार का अड़ंगा भी योगी को रोक नहीं पाया। झारखंड में लैंडिंग के बाद सड़क मार्ग से योगी पश्चिम बंगाल पहुंचे। यहां उन्होंने अपने फायर ब्रांड वाले अंदाज में पश्चिम बंगाल सरकार पर प्रहार किया।

उन्होंने कहा कि टीएमसी के गुंडे सरकारी योजनाओं की राशि खा जाते हैं। पश्चिम बंगाल में अगर भाजपा की सरकार बनी तो टीएमसी के गुंडे गले में तख्ती लगाकर जान बचाने की गुहार लगाएंगे।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार को उन्होंने महाभ्रष्ट बताया। उन्हें सुनने के लिए रैली में काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। दोपहर से ही वे यहां जमे थे, शाम को योगी की रैली होने तक वे हिले भी नहीं।

योगी गरजते रहे वे तालियों से उनका उत्साह बढ़ाते रहे। अपने 20 मिनट के भाषण में योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की धरती और विभूतियों को नमन किया।

उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में इस धरती के विभूतियों ने देश को संबल दिया। इसी धरती पर रामकृष्ण परमहंस ने साधना करके दुनिया के हिंदुओं को ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं’ का नारा दिया।

स्वामी विवेकानंद ने विश्व के मानस पटल पर धर्म व संस्कृति पर अनुभव करने का मंत्र दिया। पश्चिम बंगाल भाजपा की धरती होनी चाहिए, क्योंकि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल में ही इस पार्टी की नींव रखी थी।

आखिर आरोपित अधिकारी को क्यों बचा रही बंगाल सरकार
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टीएमसी सरकार सारधा घोटाले के आरोपित पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को बचा रही है। घोटाले का राज बचाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धरना दिया। इससे अधिक शर्मनाक लोकतंत्र के लिए कुछ नहीं हो सकता।

सारधा घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को संप्रग सरकार के समय दी थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ममता ने यू टर्न लिया। अब बोल रही हैं, मैं जांच में हर सहयोग के लिए तैयार हूं। तो सवाल यह उठता है कि उस अधिकारी को बचाने के लिए धरने पर क्यों बैठीं। उन्होंने कहा कि सारधा घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ममता बनर्जी को इस्तीफा दे देना चाहिए।

हेलीकॉप्टर उतरने की नहीं दी गई अनुमति योगी ने कहा कि हेलीकॉप्टर उतरने की अनुमति नहीं दी गई, इसलिए मैं सड़क मार्ग से पुरुलिया आया हूं। अपने भाजपा कार्यकताओं के हौसले को दोगुना-चार गुना करने।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कमल के फूल पर विश्वास करते हुए टीएमसी की गुंडागर्दी से पश्चिम बंगाल को मुक्त करने का मैं भाजपा कार्यकताओं से आह्वान करता हूं। योगी ने जय श्रीराम के नारे के साथ अपना भाषण समाप्त किया।

इसके पहले प्रशासन ने योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर को तीन फरवरी को पुरुलिया और बांकुड़ा में उतरने की अनुमति नहीं दी थी। तब उन्होंने फोन पर सभा को संबोधित किया था। वह इस बार झारखंड के बोकारो में हेलीकॉप्टर से उतरे, फिर सड़क मार्ग से पुरुलिया की सभा में पहुंचे।